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*मुंगेली व्यापार मेला 2026 की तैयारियों का शंखनाद, आयोजन को भव्य बनाने कमर कसकर जुटी टीम स्टार्स*

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तीजराम साहू ब्यूरो मुंगेली। स्टार्स ऑफ टुमॉरो वेलफेयर सोसायटी द्वारा आयोजित ‘मुंगेली के त्यौहार’ के नाम से प्रसिद्ध मुंगेली व्यापार मेला 2026 को भव्य, व्यवस्थित एवं यादगार बनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी कड़ी में विनायकम रेस्टोरेंट में आयोजन की तैयारियों एवं रूपरेखा को लेकर टीम स्टार्स की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेले को पिछले आयोजनों से अधिक बेहतर और आकर्षक बनाने के लिए सदस्यों के बीच विचार-विमर्श किया गया तथा विभिन्न विभागों के लिए नई कार्यकारिणी एवं कमेटियों का गठन किया गया।
बैठक में स्टॉल बुकिंग, सांस्कृतिक कार्यक्रम, वित्तीय बजट, प्रचार-प्रसार, अतिथि सत्कार, प्रिंटिंग सहित आयोजन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारियां तय करने पर चर्चा हुई। सदस्यों से सुझाव आमंत्रित करते हुए आयोजन की प्रत्येक गतिविधि को सुनियोजित ढंग से संपन्न कराने पर जोर दिया गया। साथ ही सभी सदस्यों को अभी से सक्रिय होकर अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन में जुट जाने के लिए प्रेरित किया गया।

संस्था के अध्यक्ष महावीर सिंह ने कहा कि मुंगेली व्यापार मेला शहर की पहचान और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच है। हमारा प्रयास है कि वर्ष 2026 का आयोजन पहले से अधिक भव्य, व्यवस्थित और आकर्षक हो। इसके लिए सभी सदस्यों को टीम भावना के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए आयोजन को सफल बनाने में योगदान देना होगा।

संस्था के सचिव विनोद यादव ने कहा कि व्यापार मेला केवल व्यापारिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय व्यापारियों, उद्यमियों, कलाकारों और प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करने का एक सशक्त मंच भी है। आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय, समयबद्ध तैयारी और सामूहिक सहभागिता आवश्यक है। इसी उद्देश्य से अभी से तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं।
बैठक में सदस्यों ने अपने सुझाव साझा किए और आपसी सहयोग से व्यापार मेला 2026 को सफल बनाने का संकल्प लिया। संस्था का लक्ष्य है कि इस बार भी मुंगेली व्यापार मेला शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बने और व्यापार, संस्कृति तथा स्थानीय प्रतिभाओं को एक नई पहचान प्रदान करे।

इस अवसर पर संस्था के संयोजक रामपाल सिंह, सह संयोजक रामशरण यादव, अध्यक्ष महावीर सिंह, सचिव विनोद यादव, कोषाध्यक्ष धनराज परिहार, सतपाल मक्कड़, विकास जैन, रणवीर सिंह, नीलेश केशरवानी, सूरज मंगलानी, सुनील वाधवानी, गौरव जैन, कोमल चौबे, नागेश साहू, संदीप सिंह, राहुल मल्लाह, पवन यादव, वासु पांडेय, वैभव ताम्रकार, रॉकी सलूजा, देवेंद्र सिंह, अजय चंद्राकर, चित्रकान्त सिंह, श्रीओम सिंह सहित सँस्था के सभी सदस्य उपस्थित रहे।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शिवरीनारायण में भगवान नर-नारायण के किए दर्शन, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना*

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शिवरीनारायण में भगवान नर-नारायण के किए दर्शन, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना*

*मठ मंदिर में गौ माता को गुड़ और केला खिलाकर किया पूजन, जगन्नाथ मंदिर में किए दर्शन*

*मुख्यमंत्री ने कहा – छत्तीसगढ़ की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र है शिवरीनारायण*

*माता शबरी की भक्ति और प्रभु श्रीराम की स्मृतियों से जुड़ी पावन धरा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक: मुख्यमंत्री*

 मनोज साहू ब्यूरो   जांजगीर-चांपा 14 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जांजगीर-चांपा जिले की पावन धार्मिक नगरी शिवरीनारायण पहुंचकर सपत्नीक भगवान नर-नारायण के दर्शन किए। मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने छत्तीसगढ़ में सुख, शांति और समृद्धि के साथ निरंतर प्रगति के लिए भगवान नर-नारायण से प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिवरीनारायण छत्तीसगढ़ की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र है। यह पावन भूमि माता शबरी की अनन्य भक्ति और प्रभु श्रीराम से जुड़ी स्मृतियों को अपने भीतर संजोए हुए है। यहां आकर मन को विशेष शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत अत्यंत समृद्ध है और इसका संरक्षण एवं संवर्धन हम सभी का दायित्व है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान नर-नारायण की पूजा-अर्चना की और प्रदेश के प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा से छत्तीसगढ़ निरंतर विकास और खुशहाली के पथ पर आगे बढ़े तथा समाज में सद्भाव, भाईचारा और आपसी प्रेम बना रहे।

*गौ माता को गुड़ और केला खिलाकर मुख्यमंत्री ने किया पूजन*

मुख्यमंत्री श्री साय इसके पश्चात शिवरीनारायण स्थित मठ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने गौ माता को गुड़ और केला खिलाया तथा माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक पूजन किया। मुख्यमंत्री ने गौ सेवा को हमारी सनातन संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की ग्रामीण जीवनशैली, कृषि परंपरा और लोकजीवन में गौ माता का विशेष स्थान रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने मठ मंदिर परिसर में संतों एवं श्रद्धालुओं से भी आत्मीय भेंट की। उन्होंने कहा कि हमारे मठ-मंदिर और धार्मिक स्थल केवल आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि ये पीढ़ियों से समाज को संस्कार, सेवा, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ते आए हैं।

*जगन्नाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना*

मुख्यमंत्री श्री साय ने धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ शिवरीनारायण स्थित जगन्नाथ मंदिर में भी विधि-विधान से दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान जगन्नाथ से प्रदेशवासियों के स्वस्थ, सुखी और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवरीनारायण की धार्मिक परंपरा छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान का हिस्सा है। महानदी, शिवनाथ और जोंक नदी के पावन संगम के समीप स्थित यह नगरी सदियों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रही है। यहां के मंदिर, परंपराएं और धार्मिक मान्यताएं हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध बनाती हैं।

*माता शबरी की भक्ति से जुड़ी शिवरीनारायण की पावन धरा*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिवरीनारायण का नाम आते ही माता शबरी की अनन्य भक्ति और प्रभु श्रीराम के प्रति उनके अगाध प्रेम का स्मरण होता है। यह पावन भूमि हमें भक्ति, समर्पण और सामाजिक समरसता का संदेश देती है। शिवरीनारायण की आध्यात्मिक विरासत छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास और लोकआस्था का महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों की पहचान को और सुदृढ़ करने तथा हमारी समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराएं हमारी पहचान हैं और इनका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी साझा जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, राजेश्री महंत रामसुंदर दास, पूर्व संसदीय सचिव श्री अंबेश जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी सत्यलता आनंद मिरी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती प्रियंका सिंह, श्री अमर सुल्तानिया, श्री पुष्पेंद्र सिंह, श्री आकाश सिंह, कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

*नवरात्रि पर कटनई में NSS शिविर और पत्रकार सम्मान समारोह सम्पन्न*

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*नवरात्रि पर कटनई में NSS शिविर और पत्रकार सम्मान समारोह सम्पन्न*

*मुख्य अतिथि SDM सुमित बघेल ने पत्रकारों को किया सम्मानित*

 मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर चांपा **अकलतरा / कटनई,* – शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर ग्राम कटनई के सिद्धदेव पहरिया पाठ माँ भगवती दुर्गा मंदिर स्थल पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर एवं पत्रकार सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन विद्यासागर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अकलतरा के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा किया गया। विद्यार्थियों द्वारा मंदिर परिसर में श्रमदान कर स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

समारोह के मुख्य अतिथि अकलतरा एसडीएम श्री सुमित बघेल रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों में समाजसेवा और अनुशासन की भावना विकसित करती है, वहीं पत्रकारिता लोकतंत्र को मजबूत करने का कार्य करती है। उन्होंने उपस्थित पत्रकार बंधुओं अविनाश सिंह, मनोज साहू, सीता टंडन, राधाकृष्ण गोपाल, अजय यादव, रूपेश कंवर निधिराज सिदार एवं अन्य पत्रकार को श्रीफल, साल एवं पेन भेंटकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत कटनई के सरपंच श्री रेशम लाल मार्बल ने की। इस अवसर पर उपसरपंच भोलेनाथ कश्यप, विद्यासागर विद्यालय के प्राचार्य विपिन पाण्डेय, शिक्षिका हर्षा , संतोषी एवं समस्त स्टाफ, वेल विशर फाउंडेशन से चिराग शर्मा, पहरिया पाठ समिति के चंद्रिका कुमार कश्यप, नरेश कश्यप, दीपक साहू, प्रेमलाल कश्यप, सम्पत, अनन्दराम, राजकुमार पटेल,हनुमान कश्यप, शुक्रवार ,सहित ग्रामवासी एवं क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन दीपक साहू, एवं हर्षा मैडम द्वारा किया गया आयोजकों ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

जल जीवन मिशन से बुजुर्ग चंदा को मिली राहत, अब घर पर ही मिल रहा स्वच्छ पेयजल

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जल जीवन मिशन से बुजुर्ग चंदा को मिली राहत, अब घर पर ही मिल रहा स्वच्छ पेयजल

*पेयजल के लिए दूर जाने की परेशानी से मिली मुक्ति*

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली,// शासन की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। घर तक पानी पहुंचने से विशेष रूप से बुजुर्गों और उन परिवारों को सुविधा मिलती है, जिन्हें पेयजल लाने के लिए दूर जाना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की दिशा में जल जीवन मिशन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस मिशन से ग्राम खैराखुर्द की बुजुर्ग महिला चंदा को बड़ी राहत मिली है।

अब उन्हें पेयजल के लिए घर से दूर नहीं जाना पड़ता, बल्कि घर पर ही स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। इससे उनकी दैनिक दिनचर्या पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक हुई है। बुजुर्ग महिला चंदा के लिए घर तक पेयजल की सुविधा मिलना विशेष राहत का विषय है। पहले पेयजल के लिए घर से दूर जाना पड़ता था, लेकिन अब घर में ही पानी उपलब्ध होने से इस परेशानी से छुटकारा मिला है। इससे उन्हें पेयजल की व्यवस्था करने में होने वाली असुविधा से राहत मिली है और दैनिक जरूरतों के लिए पानी प्राप्त करना आसान हुआ है। उन्होंने शासन-प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

*जल जीवन मिशन से दुजिया के घर तक पहुंचा स्वच्छ पेयजल, आसान हुआ दैनिक जीवन*

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*जल जीवन मिशन से दुजिया के घर तक पहुंचा स्वच्छ पेयजल, आसान हुआ दैनिक जीवन*

*जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्राम खैराखुर्द में घर पर ही मिल रहा पेयजल* 

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली,// स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता प्रत्येक परिवार की बुनियादी आवश्यकता है। इसी आवश्यकता को पूरा करने की दिशा में जल जीवन मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ग्राम खैराखुर्द की दुजिया के घर में अब जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। घर पर ही पानी मिलने से उन्हें पेयजल की सुविधा प्राप्त हो रही है। इससे उन्हें दूर से पानी लाने की समस्या से मुक्ति मिली है।

घर में ही पानी उपलब्ध होने से दैनिक जरूरतों के लिए पेयजल प्राप्त करने में सुविधा होती है। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता परिवार के स्वास्थ्य, स्वच्छता और बेहतर जीवन स्तर के लिए भी महत्वपूर्ण है। जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों तक घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधा को मजबूत करने और लोगों के जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने शासन-प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को मिली ‘जनमन’ पत्रिका

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प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को मिली ‘जनमन’ पत्रिका

*समसामयिक जानकारी और जनकल्याणकारी योजनाओं की मिलेगी जानकारी*

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली, // प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और समसामयिक विषयों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में जनसंपर्क विभाग की मासिक पत्रिका ‘जनमन’ उपयोगी साबित हो रही है। इसी उद्देश्य से बिलासपुर पीसीएस में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे परीक्षार्थियों को ‘जनमन’ पत्रिका का वितरण किया गया। पत्रिका के माध्यम से युवाओं को शासन की योजनाओं, नीतियों और जनहितकारी पहलों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त करने का अवसर मिला। जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका ‘जनमन’ में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, नीतियों, विकास कार्यों और विभिन्न जनहितकारी पहलों से संबंधित जानकारियां प्रकाशित की जाती हैं।

परीक्षार्थी करन राजपूत, दुर्गा एवं प्रत्युश ने ‘जनमन’ की सराहना करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए शासन-प्रशासन से जुड़े विषयों की जानकारी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में यह पत्रिका तैयारी को अधिक जानकारीपूर्ण बनाने में सहायक है। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए विषयों की नियमित पढ़ाई के साथ समसामयिक घटनाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलती है।

इसी तरह रवि, राहुल एवं सुमन ने कहा कि जनमन’ पत्रिका के वितरण से परीक्षार्थियों को छत्तीसगढ़ में संचालित योजनाओं एवं विकास गतिविधियों की जानकारी मिलती है। यह जानकारी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्नों को समझने और हल करने में उपयोगी होती है। परीक्षार्थियों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान सरकारी योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और समसामयिक विषयों की जानकारी जुटाना महत्वपूर्ण होता है।

आधार सेवाओं को सुचारू और पारदर्शी बनाने पर जोर

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आधार सेवाओं को सुचारू और पारदर्शी बनाने पर जोर

 *जिले के सभी आधार ऑपरेटरों की बैठक में हुई कार्यों की समीक्षा*

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली,// जिले में आधार संबंधी सेवाओं को सुचारू, व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने और नागरिकों को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशानुसार जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में जिले के समस्त आधार ऑपरेटरों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ईडीएम श्रीमती सोनम तिवारी ने जिले में आधार सेवाओं से संबंधित विभिन्न कार्यों की समीक्षा की गई तथा ऑपरेटरों को शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नियमित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में नवीन आधार नामांकन, निर्धारित समय में आधार केंद्रों का संचालन तथा निर्धारित शुल्क के पालन की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही आधार में नाम एवं जन्मतिथि सुधार से संबंधित समस्याओं, ब्लॉकवार नामांकन की प्रगति और शासकीय परिसरों में आधार केंद्रों के संचालन पर चर्चा की गई।

अधिकारियों ने आधार सेवाओं से जुड़े कार्यों को व्यवस्थित रूप से संचालित करने तथा नागरिकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। बैठक में आधार केंद्रों के दैनिक लेन-देन की जानकारी गूगल शीट में नियमित रूप से दर्ज करने और उसे समय पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा एमबीयू कैंप की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित कार्यों की जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। बैठक में सभी आधार ऑपरेटरों को शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए नियमित रूप से कार्य करने, निर्धारित शुल्क के अनुसार सेवाएं देने तथा आधार संबंधी कार्यों की प्रगति की जानकारी समय पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए।

माता शबरी की पावन नगरी शिवरीनारायण में चित्रोत्पला गंगा महाआरती में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

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माता शबरी की पावन नगरी शिवरीनारायण में चित्रोत्पला गंगा महाआरती में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

*महानदी केवल हमारी जीवनदायिनी नहीं, छत्तीसगढ़ की आस्था, संस्कृति और सभ्यता की अविरल धारा : मुख्यमंत्री श्री साय*

*मुख्यमंत्री ने की महाआरती, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और कल्याण की कामना*

*जल है तो कल है, आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जल संरक्षण को बनाना होगा जनआंदोलन : मुख्यमंत्री*

*वर्षा जल की एक-एक बूंद सहेजने का किया आह्वान, तालाब-कुओं और नदियों सहित सभी जल स्रोतों के संरक्षण पर दिया जोर*

*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जल संचय-जनभागीदारी अभियान ने जल संरक्षण को बनाया जन-जन का संकल्प : मुख्यमंत्री*

*शिवरीनारायण की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त करने की दिशा में हो रहे निरंतर प्रयास*

 

मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर-चांपा :-14 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज माता शबरी की पावन नगरी शिवरीनारायण में महानदी के पवित्र तट पर आयोजित चित्रोत्पला गंगा महाआरती में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय के साथ श्रद्धा और भक्तिभाव से महाआरती में सहभागिता की तथा महानदी मैया से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, खुशहाली और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की। महानदी के तट पर दीपों की जगमगाहट, वैदिक मंत्रोच्चार और श्रद्धालुओं की विशाल उपस्थिति के बीच आयोजित महाआरती ने शिवरीनारायण की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गरिमा को और भव्यता प्रदान की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को शिवरीनारायण महोत्सव और शारदीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन अत्यंत मंगलमय है। माता शबरी की पुण्यभूमि में महानदी के पावन तट पर चित्रोत्पला गंगा महाआरती में सपत्नीक शामिल होना उनके लिए सौभाग्य का अवसर है। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता हमारी आस्था, परंपरा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति समाज के गहरे जुड़ाव को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महानदी छत्तीसगढ़ की गंगा मैया है। यह केवल जल की धारा नहीं, बल्कि हमारे प्रदेश की आस्था, संस्कृति, सभ्यता और जनजीवन की अविरल धारा है। सदियों से महानदी ने छत्तीसगढ़ की धरती को सींचा है, हमारी कृषि और अर्थव्यवस्था को संबल दिया है तथा इसके तटों पर हमारी समृद्ध संस्कृति और सभ्यता पुष्पित-पल्लवित हुई है। जिस प्रकार पूरे देश में गंगा मैया के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव है, उसी प्रकार महानदी के प्रति भी छत्तीसगढ़वासियों के मन में अगाध श्रद्धा है। उन्होंने कहा कि नदियों के प्रति हमारी आस्था तभी सार्थक होगी, जब हम उनके संरक्षण, संवर्धन और स्वच्छता को भी अपनी सामूहिक जिम्मेदारी मानें।

*जल संरक्षण को जनभागीदारी से जनआंदोलन बनाना होगा : मुख्यमंत्री श्री साय*

मुख्यमंत्री श्री साय ने जल संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि जल है तो कल है। जल के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। प्रकृति से प्राप्त जल अनमोल धरोहर है और इसे भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। आज किए गए हमारे प्रयास ही आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तय करेंगे। इसलिए जल संरक्षण प्रत्येक नागरिक का दायित्व बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए समाज की सामूहिक चेतना और सक्रिय जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। हमें वर्षा जल की एक-एक बूंद सहेजने की संस्कृति विकसित करनी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव हो या शहर, घर हो या सार्वजनिक परिसर – जहां भी संभव हो, वर्षा जल संचय की प्रभावी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। जब जल बचाना प्रत्येक परिवार और प्रत्येक नागरिक का संकल्प बनेगा, तभी जल संरक्षण वास्तविक अर्थों में एक व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जल संरक्षण को देश की प्राथमिकताओं से जोड़ते हुए इसे जनभागीदारी का अभियान बनाया है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में देशभर में जल संचय-जनभागीदारी अभियान के माध्यम से वर्षा जल को सहेजने और भूजल स्तर बढ़ाने की दिशा में व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ सहित विभिन्न अवसरों पर जल संरक्षण के महत्व को रेखांकित कर देशवासियों को इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से हमें छत्तीसगढ़ में भी जल संरक्षण के प्रयासों को और व्यापक बनाना है। प्रत्येक गांव, नगर और परिवार को जल संचय की मुहिम से जोड़कर इसे जन-जन का संकल्प बनाना होगा।

*वर्षा जल का अधिकतम संचय और भूजल संवर्धन समय की आवश्यकता*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण और जल संचय की दिशा में अनेक अच्छे प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में स्थानीय परिस्थितियों और उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप किए जा रहे नवाचारों को और विस्तार देने की आवश्यकता है। उन्होंने जल संरक्षण के लिए अपनाए जा रहे पांच प्रतिशत मॉडल सहित विभिन्न नवाचारों को प्रोत्साहित करने पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों के माध्यम से वर्षा जल को अधिक से अधिक सहेजा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि वर्षा का पानी बहकर निकल जाने के बजाय धरती के भीतर पहुंचे, इसके लिए हमें वैज्ञानिक और स्थानीय दोनों प्रकार के उपाय अपनाने होंगे। सोकपिट निर्माण, हैंडपंपों के आसपास भूजल पुनर्भरण की व्यवस्था, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और स्थानीय जल संरचनाओं का संरक्षण जैसे छोटे-छोटे प्रयास व्यापक परिणाम दे सकते हैं। गांवों और शहरों में उपलब्ध संसाधनों तथा भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप जल संचय की व्यवस्थाएं विकसित करने से भूजल स्तर में सुधार होगा और भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे परंपरागत तालाब, कुएं और अन्य जल स्रोत केवल जल संरचनाएं नहीं, बल्कि हमारी विरासत का भी हिस्सा हैं। इनका संरक्षण और पुनर्जीवन आवश्यक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से नदियों, तालाबों, कुओं सहित सभी जल स्रोतों को स्वच्छ रखने, उनके संरक्षण में सहभागी बनने और वर्षा जल का अधिकतम संचय करने की अपील की।

*नदियों के प्रति श्रद्धा के साथ उनके संरक्षण का भी लें संकल्प*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महानदी सहित प्रदेश की सभी नदियां हमारी जीवनरेखा हैं। नदियों के प्रति हमारी श्रद्धा हमें उनके संरक्षण के लिए भी प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि चित्रोत्पला गंगा महाआरती जैसे आयोजन हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त करने के साथ प्रकृति और नदियों के प्रति हमारे दायित्व का भी स्मरण कराते हैं। आज इस पवित्र अवसर पर हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि जल का अपव्यय नहीं करेंगे, जल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाएंगे और जल संरक्षण के प्रयासों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार अपने स्तर पर जल संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है, लेकिन इस अभियान की वास्तविक शक्ति समाज की भागीदारी है। जब शासन और समाज मिलकर एक दिशा में प्रयास करेंगे, तब हम अपनी नदियों और जल स्रोतों को सुरक्षित रखते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्याप्त जल सुनिश्चित कर सकेंगे।

*शिवरीनारायण हमारी आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र*

मुख्यमंत्री श्री साय ने शिवरीनारायण की धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पावन भूमि भगवान श्रीराम और माता शबरी की भक्ति से जुड़ी हुई है। शिवरीनारायण की पहचान छत्तीसगढ़ की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में है। यहां आयोजित होने वाले धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, परंपराओं और विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं।

उन्होंने कहा कि शिवरीनारायण जैसे हमारे महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों की विशिष्ट पहचान को और सशक्त करना आवश्यक है। इन स्थलों की आध्यात्मिक गरिमा और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए उनकी पहचान को व्यापक स्तर तक पहुंचाने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।

केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने अपने संबोधन में कहा कि महानदी तट पर महाआरती का आयोजन हमारी धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त बनाता है। गंगा आरती की तरह नदियों के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव हमें उनके संरक्षण की प्रेरणा देता है। नदियां हमारी जीवनरेखा हैं और उन्हें प्रदूषण से बचाकर स्वच्छ एवं अविरल बनाए रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।

जिले के प्रभारी एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि शिवरीनारायण की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। भगवान श्रीराम और माता शबरी की भक्ति से जुड़ी इस पावन नगरी का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि शिवरीनारायण की महिमा और गौरव को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक स्थापित करते हुए इसे देश के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों में विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

महानदी के पावन तट पर आयोजित चित्रोत्पला गंगा महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। भक्तिमय वातावरण में संपन्न महाआरती के दौरान उपस्थित जनसमुदाय ने महानदी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए जल एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी ग्रहण किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पत्नी श्रीमती कौशिल्या साय, केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, जिले के प्रभारी एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, जांजगीर-चांपा सांसद श्रीमती कमलेश जांगडे़, पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री नारायण चंदेल, पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पांडेय, पूर्व सांसद श्रीमती कमलादेवी पाटले, पूर्व विधायक श्री महंत रामसुंदर दास, पूर्व संसदीय सचिव श्री अम्बेश जांगडे, पूर्व विधायक डॉ खिलावन साहू, अध्यक्ष जिला पंचायत इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, अध्यक्ष नगर पंचायत शिवरीनारायण श्री राहुल थवाईत, उपाध्यक्ष नगर पंचायत शिवरीनारायण श्रीमती सरस्वती मिलाप साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष पामगढश्रीमती रंजना मानस जांगडे, श्री संतोष लहरे, श्री लोकेश शुक्ला, पूर्व अध्यक्ष नगर पंचायत शिवरीनारायण श्री संजय अग्रवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष नवागढ़ श्रीमती कांता कश्यप, अध्यक्ष नगर पंचायत राहौद श्रीमती प्रतिभा कश्यप, अध्यक्ष नगर पंचायत खरौद श्री गोविंद यादव, साध्वी प्रज्ञा भारती, श्री रामदेव कुमावत, श्री राजेन्द्र वैष्णव, श्री अमर सुल्तानिया, श्री पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह, श्री प्रशांत सिंह, श्री विकास शर्मा, श्री आकाश सिंह,श्री शिवेन्द्र प्रताप सिंह, श्री गुलाब सिंह चंदेल, श्री नंद चौधरी, श्रीमती नंदनी रजवाडे, श्री रमेश मोदी, श्रीमती नूरेश्वरी श्रीवास, कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पांडेय सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

*शिवरीनारायण को विकास की बड़ी सौगात : महानदी पर 63 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनेगा नया पुल*

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*शिवरीनारायण को विकास की बड़ी सौगात : महानदी पर 63 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनेगा नया पुल*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया तीन दिवसीय शिवरीनारायण महोत्सव का शुभारंभ*

*एसटीपी प्लांट की होगी स्थापना, राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत शिवरीनारायण के विकास की घोषणा*

*शिवरीनारायण को नगरपालिका बनाने की दिशा में होगा सर्वे*

*मुख्यमंत्री ने गौमाता की पूजा और मां चित्रोत्पला गंगा की महाआरती कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की*

*आस्था, संस्कृति और विकास को साथ लेकर विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को करेंगे साकार : मुख्यमंत्री श्री साय*

 मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर-चांपा:- 14 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज माता शबरी की पावन नगरी शिवरीनारायण में तीन दिवसीय शिवरीनारायण महोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर महानदी पर 63 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से नए पुल के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने नगर के गंदे पानी के समुचित शोधन के लिए एसटीपी प्लांट की स्थापना तथा राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत शिवरीनारायण के विकास की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने शिवरीनारायण को नगरपालिका बनाने की दिशा में आवश्यक सर्वे कराने की बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से शिवरीनारायण का विशेष महत्व है। यहां की आवश्यकताओं और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए अधोसंरचना एवं नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। महानदी पर नए पुल के निर्माण से क्षेत्र में आवागमन अधिक सुगम होगा और आसपास के गांवों एवं क्षेत्रों को बेहतर संपर्क सुविधा मिलेगी। एसटीपी प्लांट की स्थापना से नगर की स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ होने के साथ महानदी के संरक्षण में भी सहायता मिलेगी।

*माता शबरी की पावन धरती पर आना मेरे लिए सौभाग्य : मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री श्री साय ने शिवरीनारायण महोत्सव एवं शारदीय नवरात्रि की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के चरणों से पावन हुई माता शबरी की इस धरती पर आना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि माता शबरी के बुलावे पर वे सपत्नीक यहां पहुंचे हैं। शिवरीनारायण की भूमि आस्था, भक्ति और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गौमाता की पूजा की और मां चित्रोत्पला गंगा की महाआरती में शामिल होकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं कल्याण की कामना की। उन्होंने शिवरीनारायण में प्रतिदिन संध्या आरती की परंपरा पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी परंपराएं हमारी आस्था और संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ती हैं। उन्होंने इस परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

*मोदी की गारंटी को तेजी से धरातल पर उतार रही सरकार*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रदेशवासियों को दी गई गारंटियों को पूरा करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार गठन के बाद शपथ ग्रहण के 24 घंटे के भीतर आयोजित पहली मंत्रिपरिषद की बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का निर्णय लिया गया। इनमें से लगभग साढ़े 11 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं और प्रतिदिन लगभग 1600 आवासों का निर्माण पूरा हो रहा है।

उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 6 हजार आवास दिए जा चुके हैं। इसी प्रकार प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए भी 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक जरूरतमंद परिवार के सिर पर पक्की छत हो और वह सम्मानपूर्वक जीवन जी सके।

*किसानों की समृद्धि सरकार की प्राथमिकता*

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से किए गए वादों को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा किया है। किसानों को वर्षों से लंबित धान का बकाया बोनस दिया गया है। प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। किसानों को धान बेचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रदेश में 250 से अधिक नए धान खरीदी केंद्र भी खोले गए हैं।

उन्होंने कहा कि वनांचल में रहने वाले परिवारों की आय बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाकर 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की गई है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुकाएं भी प्रदान की जा रही हैं। सरकार गांव, गरीब, किसान और वनवासी परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

*महतारी वंदन से मजबूत हो रहा माताओं-बहनों का आर्थिक स्वावलंबन*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से पात्र माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। यह राशि महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और स्वावलंबन को मजबूत करने का माध्यम बनी है। अनेक महिलाएं इस राशि का उपयोग परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ छोटे व्यवसाय शुरू करने और अपनी आय बढ़ाने में कर रही हैं।

*लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम का छत्तीसगढ़ से अत्यंत आत्मीय संबंध है। छत्तीसगढ़ को भगवान श्रीराम का ननिहाल माना जाता है और यहां उन्हें भांजे के रूप में सम्मान देने की विशिष्ट परंपरा है। प्रदेशवासियों को अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने श्रीरामलला दर्शन योजना प्रारंभ की है। इस योजना के माध्यम से अब तक लगभग 50 हजार श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि शिवरीनारायण भी भगवान श्रीराम की वनगमन यात्रा से जुड़ा महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत इसके विकास से यहां धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को नई गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के अवसर भी बढ़ेंगे।

*बस्तर में शांति के साथ विकास की नई शुरुआत*

मुख्यमंत्री ने बस्तर में आ रहे सकारात्मक बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि नियद नेल्लानार योजना और अग्रणी बस्तर अभियान के माध्यम से उन दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की योजनाएं और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं, जो लंबे समय तक विकास से वंचित रहे।

उन्होंने कहा कि बस्तर में 421 बंद पड़े स्कूलों को फिर से प्रारंभ किया गया है। जहां कभी नक्सलवाद के कारण शिक्षा और विकास की राह कठिन थी, वहां आज बच्चे स्कूल जा रहे हैं और विकास की नई संभावनाएं आकार ले रही हैं। सरकार का लक्ष्य बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में शांति, सुरक्षा और विकास को स्थायी आधार देना है।

*विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा छत्तीसगढ़*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, वन संपदा और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इस राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने में छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, रोजगार और आधुनिक तकनीक सहित सभी क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है। सरकार और समाज के सामूहिक प्रयास से विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य भी साकार होगा।

*नागरिकों को समय पर सेवाएं देना सुशासन का मूल उद्देश्य*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नागरिकों के काम सरलता और समयबद्ध तरीके से हों, इसके लिए राज्य सरकार ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया है और शासकीय कार्यप्रणाली में आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाया जा रहा है। पारदर्शिता और जवाबदेही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से प्रदेश के नागरिक चौबीसों घंटे अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। जनहित के कार्यों में अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे नागरिकों को छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और वे घर बैठे अनेक शासकीय सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि लगभग 6 हजार ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र प्रारंभ किए जा चुके हैं। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को डिजिटल सेवाओं के साथ नकद निकासी जैसी सुविधाएं भी स्थानीय स्तर पर मिल रही हैं। सरकार का उद्देश्य तकनीक के माध्यम से शासन और नागरिकों के बीच की दूरी को कम करना है।

*जल संरक्षण को जनभागीदारी से आगे बढ़ाने का आह्वान*

केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने शिवरीनारायण के धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि तीन नदियों का संगम और माता शबरी की भक्ति इस धरती को विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। उन्होंने जल संरक्षण को वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताते हुए लोगों से इसमें सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। साथ ही महिलाओं के सम्मान एवं सुरक्षा के प्रति समाज को संकल्पित होने की बात कही।

सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े ने कहा कि जल है तो कल है। उन्होंने लोगों से नदियों एवं जलस्रोतों के संरक्षण, घरों में सोख्ता गड्ढे बनाने तथा जल की प्रत्येक बूंद को सहेजने की अपील की। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का भी आग्रह किया। इस अवसर पर श्रीमती कौशल्या साय, अध्यक्ष श्री राहुल थवाइत सहित जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया ।

इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू, जिले के प्रभारी एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पत्नी श्रीमती कौशिल्या साय, जांजगीर-चांपा सांसद श्रीमती कमलेश जांगडे़, पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री नारायण चंदेल, पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पांडेय, पूर्व सांसद श्रीमती कमलादेवी पाटले, पूर्व विधायक श्री महंत रामसुंदर दास, पूर्व संसदीय सचिव श्री अम्बेश जांगडे, पूर्व विधायक डॉ खिलावन साहू, अध्यक्ष जिला पंचायत इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, अध्यक्ष नगर पंचायत शिवरीनारायण श्री राहुल थवाईत, उपाध्यक्ष नगर पंचायत शिवरीनारायण श्रीमती सरस्वती मिलाप साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष पामगढश्रीमती रंजना मानस जांगडे, श्री संतोष लहरे, श्री लोकेश शुक्ला, पूर्व अध्यक्ष नगर पंचायत शिवरीनारायण श्री संजय अग्रवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष नवागढ़ श्रीमती कांता कश्यप, अध्यक्ष नगर पंचायत राहौद श्रीमती प्रतिभा कश्यप, अध्यक्ष नगर पंचायत खरौद श्री गोविंद यादव, साध्वी प्रज्ञा भारती, श्री रामदेव कुमावत, श्री राजेन्द्र वैष्णव, श्री अमर सुल्तानिया, श्री पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह, श्री प्रशांत सिंह, श्री विकास शर्मा, श्री आकाश सिंह,श्री शिवेन्द्र प्रताप सिंह, श्री गुलाब सिंह चंदेल, श्री नंद चौधरी, श्रीमती नंदनी रजवाडे, श्री रमेश मोदी, श्रीमती नूरेश्वरी श्रीवास, कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पांडेय सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिकजन उपस्थित थे।

शराब के नशे में पत्नी पर तारपीन तेल डालकर आग लगाने वाला आरोपी पति 36 घंटे के भीतर गिरफ्तार,*

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शराब के नशे में पत्नी पर तारपीन तेल डालकर आग लगाने वाला आरोपी पति 36 घंटे के भीतर गिरफ्तार,*

* *थाना अकलतरा पुलिस की सक्रियता से आरोपी को रायपुर से पकड़ने में मिली बड़ी सफलता*

* *घरेलू विवाद में पत्नी को जान से मारने की नीयत से आरोपी ने तारपीन तेल डालकर लगाई थी आग।*

* *गंभीर रूप से झुलसी महिला का रायपुर के डी.के.एस. अस्पताल में चल रहा उपचार।*

 मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर चांपा *घटना का विवरण* दिनांक 12.10.2026 को आरोपी लालमणी यादव उर्फ मनीराम यादव, पिता गणेशराम यादव, निवासी करूमंहू, थाना क्षेत्र अकलतरा, जो अपनी पत्नी एवं बच्चों के साथ पोड़ीभाठा वार्ड क्रमांक 01, अकलतरा में विगत चार वर्षों से निवास कर रहा था, घरेलू विवाद के दौरान अपनी पत्नी के साथ गाली -गलौच एवं मारपीट करता था।

घटना के दिन आरोपी ने घर में रंग-रोगन के लिए रखे तारपीन तेल को अपनी पत्नी के ऊपर डालकर माचिस से आग लगा दी। आग की लपटों से घिरी पीड़िता बचाव के लिए चिल्लाते हुए घर से बाहर निकली। आवाज सुनकर पड़ोसियों ने तत्काल पानी डालकर आग बुझाई। इस घटना में पीड़िता गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे उपचार के लिए सीएचसी अकलतरा ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए सिम्स अस्पताल बिलासपुर रेफर किया गया। बाद में उसे डी.के.एस. अस्पताल रायपुर रेफर किया गया, जहां उसका उपचार जारी है।

*एसपी के निर्देश पर गठित टीम ने रायपुर में दी दबिश*

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। उनके दिशा-निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैण्डन यार्क के मार्गदर्शन तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अकलतरा डॉ. मेखलेन्द्र प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम गठित की गई।

फरार आरोपी के रायपुर में होने की सूचना मिलने पर अकलतरा पुलिस ने देर रात दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लालमणी यादव उर्फ मनीराम यादव के विरुद्ध थाना अकलतरा में अपराध क्रमांक 624/2026, धारा 296, 115(2), 351(3), 118(2) एवं 109 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कार्रवाई गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

*सराहनीय योगदान*

उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जय कुमार साहू, सहायक उपनिरीक्षक सुरेन्द्र कश्यप एवं आरक्षक शेषनारायण साहू का सराहनीय योगदान रहा।