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    Sawan Somwar 2023 Upay: सावन सोमवार व्रत पर इस शुभ मुहूर्त में करें महादेव की उपासना, जानिए पूजा विधि और महत्व

    Sawan Adhik Maas Somwar Vrat 2023: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन का पवित्र महीना भगवान शिव को सर्वाधिक प्रिय है। इस मास में जो भी भक्त भगवान शिव की विधिवत उपासना करता है, उन्हें जीवन में सुख एवं समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। बता दें कि श्रावण मास का पांचवा और अधिक मास का तीसरा सोमवार व्रत 07 अगस्त 2023 के दिन रखा जाएगा। मान्यता है कि इस विशेष दिन पर भगवान शिव की उपासना करने से साधक को रोग, दोष और कई प्रकार के कष्टों से मुक्ति प्राप्त हो जाती है।

    पंचांग के अनुसार, श्रावण मास के पांचवें सोमवार व्रत के दिन दो अत्यंत शिव योग का निर्माण हो रहा है, जिसमें पूजा-पाठ का विशेष महत्व है। आइए जानते हैं, श्रावण सोमवार व्रत शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि।

    सावन अधिक सोमवार व्रत 2023 शुभ मुहूर्त

    हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन अधिक मास के तृतीय सोमवार व्रत के दिन अश्विनी नक्षत्र का निर्माण हो रहा है। जो 08 अगस्त रात्रि 01:16 तक रहेगा। वहीं इस दिन रवि योग का भी निर्माण हो रहा है जो सुबह 05:46 से रात्रि 01:14 तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि इन दोनों शुभ मुहूर्त में पूजा-पाठ करने से श्रेष्ठ फल प्राप्त हो जाता है।

    सावन सोमवार व्रत पूजा विधि

    • श्रावण मास में सोमवार व्रत के दिन साधक सुबह उठकर स्नान-ध्यान करें और पूजा स्थल की साफ-सफाई कर, गंगाजल से शुद्ध कर दें।
    • इसके बाद दूध, घी, शक्कर, गुड़, दही, गंगा जल इत्यादि से भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें। साथ ही महादेव को बेलपत्र, चंदन, अक्षत, फल इत्यादि अर्पित करेंगे।
    • रुद्राभिषेक के समय महामृत्युंजय मंत्र या ‘ॐ नमः शिवाय‘ मंत्र का जाप निरंतर करते रहें।
    • रुद्राभिषेक के बाद शिव चालीसा का पाठ करें और अंत में भगवान शिव की आरती के साथ पूजा संपन्न करें।

    सावन सोमवार व्रत भगवान शिव मंत्र

    1. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।

    उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ।।

    2. मन्दाकिनीसलिलचन्दनचर्चिताय नन्दीश्वरप्रमथनाथमहेश्वराय ।

    मन्दारपुष्पबहुपुष्पसुपूजिताय तस्मै मकाराय नम: शिवाय ।।

    3. नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय ।

    नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै नकाराय नम: शिवाय ।।

    4. शिवाय गौरीवदनाब्जवृन्द सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय ।

    श्रीनीलकण्ठाय वृषध्वजाय तस्मै शिकाराय नम: शिवाय ।।

     

     

     

     

    (डिसक्लेमर: इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें।)

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    पंचांग के अनुसार, श्रावण मास के पांचवें सोमवार व्रत के दिन दो अत्यंत शिव योग का निर्माण हो रहा है, जिसमें पूजा-पाठ का विशेष महत्व है। आइए जानते हैं, श्रावण सोमवार व्रत शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि।

    सावन अधिक सोमवार व्रत 2023 शुभ मुहूर्त

    हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन अधिक मास के तृतीय सोमवार व्रत के दिन अश्विनी नक्षत्र का निर्माण हो रहा है। जो 08 अगस्त रात्रि 01:16 तक रहेगा। वहीं इस दिन रवि योग का भी निर्माण हो रहा है जो सुबह 05:46 से रात्रि 01:14 तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि इन दोनों शुभ मुहूर्त में पूजा-पाठ करने से श्रेष्ठ फल प्राप्त हो जाता है।

    सावन सोमवार व्रत पूजा विधि

    • श्रावण मास में सोमवार व्रत के दिन साधक सुबह उठकर स्नान-ध्यान करें और पूजा स्थल की साफ-सफाई कर, गंगाजल से शुद्ध कर दें।
    • इसके बाद दूध, घी, शक्कर, गुड़, दही, गंगा जल इत्यादि से भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें। साथ ही महादेव को बेलपत्र, चंदन, अक्षत, फल इत्यादि अर्पित करेंगे।
    • रुद्राभिषेक के समय महामृत्युंजय मंत्र या 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप निरंतर करते रहें।
    • रुद्राभिषेक के बाद शिव चालीसा का पाठ करें और अंत में भगवान शिव की आरती के साथ पूजा संपन्न करें।

    सावन सोमवार व्रत भगवान शिव मंत्र

    1. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।

    उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ।।

    2. मन्दाकिनीसलिलचन्दनचर्चिताय नन्दीश्वरप्रमथनाथमहेश्वराय ।

    मन्दारपुष्पबहुपुष्पसुपूजिताय तस्मै मकाराय नम: शिवाय ।।

    3. नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय ।

    नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै नकाराय नम: शिवाय ।।

    4. शिवाय गौरीवदनाब्जवृन्द सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय ।

    श्रीनीलकण्ठाय वृषध्वजाय तस्मै शिकाराय नम: शिवाय ।।

           

    (डिसक्लेमर: इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें।)